उत्तराखंड के पर्यटन विकास को नया आयाम मिलेगा यदि सीएम धामी की यह मांग केंद्र सरकार ने मान ली तो…

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क्रांति मिशन ब्यूरो 

देहरादून/नई दिल्ली।  हमारे पुरखे विरासत में हमारे लिये आर्थिकी का ‘जरिया’ भी छोड़ कर गये हैं,  बस हमें उनको संहेजने का काम करना है । उत्तराखंड में आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं,  इनको विकसित करके राज्य में रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं । साथ ही सरकार के राजस्व में भी बढोत्तरी होगी। इन सबके लिये केंद्र सरकार के विशेष सहयोग की अपेक्षा है । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी.किशन रेड्डी से शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊं मण्डल में एक विरासत सर्किट विकसित करने और गढवाल मण्डल में ऋषिकेश को एक अन्तर्राष्ट्रीय / आईकोनिक पर्यटक गन्तव्य के रूप में विकसित किये जाने के लिए भारत सरकार से विशेष पैकेज के रूप में वित्त पोषण हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुमाऊं मण्डल में पिथौरागढ़, चम्पावत में प्रागैतिहासिक धार्मिक गुफाओं का विकास, नैनीताल में कैंची धाम, अल्मोड़ा में विरासत सर्किट, निर्बाध कनेक्टिविटी हेतु हैलीपोर्ट्स, ओम पर्वत सर्किट, होम स्टे का विकास, पर्यटक कस्बों का विकास एवं ऐतिहासिक विरासत स्थलों के विकास का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के तट पर अवस्थित ऋषिकेश अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर योगनगरी के रूप में विश्व विख्यात है। ऋषिकेश की पर्यटन क्षमता एवं आकर्षणों को बढ़ाने के लिए इसे अंतर्राष्ट्रीय टूरिस्ट डेस्टीनेशन के रूप में विकसित किये जाने की भी योजना है। इन दोनों परियोजनाओं के विकास से राज्य के पर्यटन विकास को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उपरोक्त दोनों योजनाओं को भारत सरकार से विशेष पैकेज के रूप में वित्त पोषण हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री से अनुरोध किया।