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उत्तराखंड संस्कृति एवं कला परिषद की संगोष्ठी में वक्ताओं ने सिलक्यारा सुरंग हादसे से सबक लेने पर जोर दिया

  • पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी ने कहा – इस तरह की घटना से निबटने के लिए हम सभी को मिलकर तैयार रहना होगा

क्रांति मिशन ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड संस्कृति एवं कला परिषद की ओर से प्रेस क्लब में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने सिलक्यारा सुरंग हादसे से सबक लेने पर जोर दिया। मंगलवार को सिलक्यारा विषम चुनौती से समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि इस घटना में लोगों ने संगठित, सुव्यवस्थित कार्य किया। इस तरह की घटना से निबटने के लिए हम सभी को मिलकर तैयार रहना होगा।

डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा एचसी जैन ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में बचाव कार्य बेहतर नेतृत्व की वजह से 41 श्रमिकों को सफलतापूर्वक निकाला गया। दून विश्वविधालय की प्रोफेसर डा प्राची पाठक ने कहा कि विज्ञान के साथ अध्यात्म का भी इस ऑपरेशन में समागम देखने को मिला। मनोवैज्ञानिक डा बीना कृष्णन ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की बेहतर मानसिक स्थिति का ख्याल रखा गया। एडमिरल (सेनि) ओपी राणा ने कहा कि केंद्र सरकार के बेहतर नेतृत्व की वजह से यह अभियान सफल हुआ।

परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने कहा कि संस्कृति के प्रचार प्रसार व उत्तराखंड में घटित घटनाओं को लेकर समय समय पर संगोष्ठी, परिचर्चा, संवाद आदि कार्यक्रम आगे भी कराए जाएंगे। लोगों को संस्कृति से रूबरू कराने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन साधना शर्मा ने किया।