श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के देहरादून आगमन दिवस को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत समागम का आयोजन … 2, 3 और 4 अक्टूबर को होगा समागम

भुवन उपाध्याय 

देहरादून। धन-धन कलगीधर स्वामी, सरबंसदानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के पावन देहरादून आगमन दिवस की खुशी में जत्था अकाली बाबा फतेह सिंह जी और समूह साध-संगत देहरादून द्वारा 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड (बन्नू स्कूल के सामने), रेस कोर्स में एक विशाल 3-दिवसीय गुरमत समागम, बाइक रैली और खालसाई महल्ला आयोजित किया जा रहा है।

इस संबंध में प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को जत्थे के मुख्य सेवादार द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने समागम की रूपरेखा और मुख्य उद्देश्य की जानकारी दी।

कार्यक्रमानुसार सबसे पहले गुरु पंथ के आगमन के स्वागत में 2 अक्टूबर को एक विशाल और शांतिपूर्ण बाइक रैली निकाली जाएगी। यह रैली आशा रोड़ी फ्लाईओवर से आरंभ होकर देहरादून शहर से होते हुए गुरु नानक ग्राउंड, रेस कोर्स पहुंचेगी। इस रैली का मुख्य उद्देश्य गुरु पंथ का भव्य स्वागत करना है।

उसके पश्चात 3 अक्टूबर (शनिवार) और 4 अक्टूबर (रविवार) को गुरु नानक ग्राउंड में विशाल धार्मिक दीवान सजाये जाएंगे। इनमें शिरोमणि पंथिक हस्तियां और रागी जत्थे हाजिरी भरेंगे। जिनमें ज्ञानी शेर सिंह जी बुड्ढा दल, भाई हरविंदरपाल सिंह जी (लिटिल वीरजी), भाई गुरमीत सिंह जी शांत, बाबा गदगज सिंह जी, कविशर सुखबीर सिंह जी, ज्ञानी जंग सिंह जी, बीबी दलेर कौर जी, ज्ञानी बलविंदर सिंह जी (पांवटा साहिब), भाई सहजदीप सिंह जी (दिल्ली), भाई नवजोत सिंह जी (जगाधरी), बीबी सिमरन कौर जी, बीबी रवनीत कौर जी, भाई हर्षदीप सिंह जी (अंबाला), भाई रविंदर सिंह जी (अंबाला), भाई बलविंदर सिंह जी, भाई अवतार सिंह जी, भाई जनक सिंह जी, और भाई मनप्रीत सिंह जी (देहरादून) के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इसके अलावा 4 अक्टूबर (रविवार) को 12 बजे से गुरु पंथ खालसा की रीत अनुसार खालसाई महल्ला निकाला जाएगा। महल्ला   गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड (प्रारंभ) ➔ रेस कोर्स चौक ➔ प्रिंस चौक ➔ रेलवे स्टेशन ➔ दर्शनी गेट ➔ कोतवाली ➔ मोती बाजार ➔ मछली बाजार ➔ बिंदाल चौक ➔ तिलक रोड ➔ झंडा बाजार ➔ सहारनपुर चौक ➔ गुरुद्वारा सिंह सभा ➔ प्रिंस चौक ➔रेस्ट कैंप चौक ➔ त्यागी रोड ➔ ➔ गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड जाकर समापन किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि इस समागम का मुख्य उद्देश्य श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के देहरादून आगमन की उस ऐतिहासिक शोभा और तरीके को पुनः जीवंत करना है। निहंग सिंह फौजों का जाहो-जलाल, घोड़े, निशान-नगारे, शस्त्रविद्या (गतका) और पुरानी खालसाई मर्यादा को संगत के सामने दर्शाना है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके और समाज में एकता का संदेश जाए।जत्था अकाली बाबा फतेह सिंह जी और समूह साध-संगत देहरादून ने सभी धर्मों की संगत को इस पावन समागम में परिवार समेत पहुंचकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

ऐतिहासिक संदर्भ के अनुसार, दसवीं पातिशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का पावन देहरादून आगमन उस समय हुआ था जब बाबा राम राय जी के जोती-जोत समाने के पश्चात उनकी धर्मपत्नी माता पंजाब कौर जी ने गद्दी के विवाद और अन्याय से निपटने के लिए सतगुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज से सहायता की विनती की थी। गुरु साहब ने पाँवटा साहिब से यहाँ आकर धर्म, न्याय और मर्यादा की रक्षा की थी। इस ऐतिहासिक आगमन और गुरु साहिब के पावन चरणों की छोह से यह धरती धन्य हुई थी, उसी पावन स्मृति को समर्पित यह समागम आयोजित किया जा रहा है।