भुवन उपाध्याय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शासकीय आवास पर देवभूमि की समृद्ध लोकपरंपरा के प्रतीक लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर बच्चों का आगमन हुआ। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे इन नन्हे मेहमानों ने देहरी पर फूल और अक्षत सजाकर जब मधुर स्वर में “फूलदेई, फूलदेई, छम्मा देई…” गाया, तो वातावरण बसंत की खुशबू से परिपूर्ण हो उठा। मुख्यमंत्री धामी के साथ उनकी धर्मपत्नी गीता धामी ने बच्चों का अभिनंदन किया और उपहार भेंट किए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा इन बच्चों की सरलता, उल्लास और आत्मीयता हमारे सांस्कृतिक मूल्यों की जीवंत झलक है। सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से मंगलकामना करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है।








