पुस्तक समीक्षा: ‘पहलगाम … जब समय थम सा गया’ … महासू देवता ने बचाई चौहान परिवार की जान, बेटे अभिनव और टैक्सी ड्राइवर की जिह्वा में बैठी मां सरस्वती और बच गया सुंदर परिवार

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  • सुंदर कर्म और इंसानियत से भरी सोच ने चौहान परिवार को मुश्किल घड़ी में ईश्वर का साथ मिला

भुवन उपाध्याय

देहरादून। अक्सर कहा जाता रहता है कि … ईश्वर सब देख रहा है। जो जैसा करेगा वैसा ही भरेगा। अच्छे कर्म करने वाले का ईश्वर सदैव साथ देता है। उत्तराखंड सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात केएस चौहान के परिवार पर जान का संकट आते-आते टल गया। इस परिवार के सुंदर कर्म और इंसानियत से भरी सोच ने इनको मुश्किल घड़ी में ईश्वर का साथ मिला। आज के.एस. चौहान जी की पुस्तक ‘पहलगाम … जब समय थम सा गया’ को पढ़ने लगा तो उसे पूरे पढ़ने तक एक सेकेंड भी नहीं रूका। पुस्तक पढ़ने के दौरान बीच में बड़ा बेटा आया और कुछ पूछने लगा लेकिन मैंने अपनी नजरें और ध्यान पुस्तक से नहीं हटाई, यूं कहें कि मैं पुस्तक से अपना ध्यान हटा ही नहीं सका।

चौहान जी और उनके परिवार की जान किस तरह उन इंसानियत के दुश्मनों से बची, इसे पढ़ते पढ़ते मैं खुद ही विचलित हो उठा। ऐसा एहसास हो रहा था कि मानो मैं खुद वहां पर हूं और आतंकियों से अपने प्राण कैसे बचाऊं यह विचार भी आने लगा। वास्तव में चौहान परिवार को महासू महाराज ने बचाया। उनके सत्कर्मों ने बचाया। अब तक के जीवन में उनके द्वारा सभी के लिए बेहतर करने की सोच ने बचाया।

महासू महाराज की कृपा से बेटे अभिनव और ड्राइवर की जिह्वा पर मां सरस्वती विराजमान हो गई और पूरा परिवार मुसीबत में सकुशल बच गया। बकौल केएस चौहान … पहलगाम पहुंचने पर चौहान जी ने बैसरन वैली जाने की बात कही और सामान गाड़ी में ही रखे रहने को कहा। लेकिन बेटे अभिनव ने पहले होटल में सामान छोड़ने की बात कही। बेटे और बिटिया की जिद पर चौहान परिवार पहले होटल पहुंचा और सामान रखने के बाद यहां से बैसरन वैली जाने की तैयारी में था लेकिन यहां पर ड्राइवर ने बैसरन वैली से पहले बेताब वैली जाने की बात कही। यहीं पर इस खूबसूरत परिवार को प्राणदान ईश्वर से मिला।

परमेश्वर ने ऐसी लीला रची कि पूरा परिवार बेताब वैली जाने को तैयार हो गया और बच गये बडे़ संकट से। यदि केएस चौहान ने अपने बेटे अभिनव की बात नहीं मानी होती और टैक्सी ड्राइवर की नहीं सुनी होती तो परिवार बडे़ संकट में पड़ जाता।

मुखिया हो तो ऐसा … संकट में साथ हुए खड़े हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसे ही सबके चहेते नहीं बन रहे हैं। आतंकियों के कायराना हमले के दिन केएस चौहान और उनका परिवार अपने प्राण बचाने के लिए जिस दहशत में पहलगाम में होटल में रात काट रहा था। उस वक्त रात के समय उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने उनको सीधा फोन करके संबल दिया। किसी भी परेशानी में सीधे बात करने को कहा। चौहान जी ने अपनी पुस्तक में इसका जिक्र किया कि मुख्यमंत्री जी ने जब उनसे बात करी तो उनकी जान में जान आई। लगा कि कोई संकट आएगा तो सीएम सर हैं न।