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मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध हथियारों, फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड एसटीएफ की कार्यवाही लगातार जारी
क्रांति मिशन ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के मिशन में एसटीएफ को बड़ी सफलता… एसटीएफ की ताबड़तोड़ दबिश, 02 और अभियुक्त गिरफ्तार… 02 पिस्टल एवं 31 जिंदा कारतूस बरामद। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड एसटीएफ की कार्यवाही लगातार जारी। फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसता हुआ। अब तक 09 अभियुक्त गिरफ्तार, 14 अवैध शस्त्र, 341 कारतूस एवं फर्जी लाइसेंस बरामद। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में एसटीएफ बेहद गहनता और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ* के निर्देशन में *स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड* द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आये शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की व्यापक जांच की जा रही है।
इसी क्रम में एसटीएफ द्वारा की गई गहन जांच एवं साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 04.06.2026 को जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना कोतवाली काशीपुर में FIR संख्या-213/2026 अन्तर्गत धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5), 111 बीएनएस पंजीकृत करायी गयी थी।
उक्त मुकदमे की विवेचना के दौरान दिनांक 12.06.2026 की देर रात्रि एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में कार्यवाही करते हुए एसटीएफ टीम ने जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में दबिश देकर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसएसपी एसटीएफ का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 के प्रारम्भ से ही राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों तथा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले लगभग एक माह से एसटीएफ की टीमें इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई थीं। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट एवं संकलित साक्ष्यों के आधार पर काशीपुर कोतवाली में अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके बाद एसटीएफ लगातार एक के बाद एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी हुई है।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि “फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह खेल केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी। जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक अथवा सहयोगी की भूमिका सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक की एसटीएफ कार्रवाई
- राज्य के विभिन्न जनपदों में 03 अभियोग पंजीकृत
- 09 अभियुक्त गिरफ्तार कर जेल भेजे गए
- 14 अवैध शस्त्र बरामद
- 341 कारतूस बरामद
- बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद
एसटीएफ द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी फर्जी, संदिग्ध अथवा अवैध शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. करनजीत सिंह, निवासी ग्राम भुड़िया कॉलोनी, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली (उ0प्र0), हाल निवासी/संचालक रेस्टोरेंट सरदार जी, सितारगंज, ऊधमसिंहनगर, उम्र 35 वर्ष
2. विक्रमजीत सिंह तूर, निवासी नियर मंडी, सितारगंज, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 36 वर्ष।
बरामदगी
- 01 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर
- 01 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक .32 बोर
- 31 जिंदा कारतूस (.30 एवं .32 बोर)
एसटीएफ टीम
1. निरीक्षक अरुण कुमार
2. निरीक्षक एम०पी० सिंह
3. उपनिरीक्षक जगदीप नेगी
4. उपनिरीक्षक प्रकाश भगत
5. अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला
6. हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी
7. कांस्टेबल रवि बोरा
8. हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट
9. कांस्टेबल गुरवंत सिंह
10. हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल
11. हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा
12. हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार








