भुवन उपाध्याय
देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा के मीडिया सेंटर में कई वर्षों तक उत्तराखंड सरकार और मीडिया के बीच सेतु का काम करने वाले मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के धनी सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त भगवान प्रसाद घिल्डियाल ने ‘कुछ यादें कुछ रचानाएं’ शीर्षक से पुस्तक लिखी है। आफिसर्स ट्रांजिट हाॅस्टल में पुस्तक का लोकार्पण एक भव्य समारोह में हुआ।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय एवं पूर्व लोकायुक्त उत्तराखण्ड एमएम घिल्डियाल ने की। उन्होंने लेखक को उनके साहित्यिक योगदान के लिए बधाई देते हुए कहा सेवानिवृत्त के बाद इस तरह सुंदर कार्य में समय व्यतीत करना बड़ी बात है। उन्होंने कृति को साहित्य, संगीत और कला का सुंदर संगम बताया।
मुख्य अतिथि पूर्व महानिदेशक उत्तराखंड पुलिस एवं पूर्व मुख्य आयुक्त राज्य सेवा अधिकार आयोग उत्तराखंड अनिल रतूड़ी ने लेखक के व्यक्तित्व को लेकर कई संस्मरण सुनाए। उन्होंने पुस्तक में लिखी कहानियों को समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया।
अति विशिष्ठ अतिथि मुख्य सूचना आयुक्त उत्तराखण्ड सूचना आयोग एवं पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन राधा रतूड़ी ने भगवान प्रसाद घिल्डियाल को शानदार पुस्तक लेखन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा पुस्तक में लिखी रचनाओं में बड़ा शानदार संदेश छुपा है।
विशिष्ठ अतिथि डा कमला पन्त अध्यक्ष पहल उत्तराखण्ड ने कहा पुस्तक में यादों की मार्मिक अभिव्यक्ति है।
कवि/साहित्यकार राजेश सकलानी ने भगवान प्रसाद घिल्डियाल की रचनाओं को सरल और प्रभावी शैली में मानवीय संवेदना दर्शाने वाला कहा।
पुस्तक विवेचना डाॅं एमआर सकलानी ‘मुनीद्र’ वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान ने की। कार्यक्रम का शानदार संचालन इतिहासकार डाॅ योगेश धस्माना ने किया।
पुस्तक के लेखक भगवान प्रसाद घिल्डियाल ने उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए राग भूपाली में ज्योति वंदना एवं राग केदार में कृष्ण भजन प्रस्तुत किया। महेश चंद्र ने नव कल्पना रूप से रचना रची ‘जब नार की गीत …’ और गणेश घिल्डियाल द्वारा आ दुनिया के रखवाले गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई। पुस्तक के लेखक की धर्मपत्नी ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर और शाॅल ओढ़ाकर सम्मान और अभिनंदन किया।








