- जघन्य हत्याकांड को Rarest of rare श्रेणी में कोर्ट में जिरह कर कठोरतम सजा के लिए पैरवी की जाएगी : एसएसपी
क्रांति मिशन ब्यूरो
देहरादून। युवती की नृशंस हत्या में अल्प समय में SIT द्वारा अभियुक्त को किया गया चार्जशीट … 35 गवाहों को सम्मिलित किया गया चार्जशीट में। न्याय के द्वार पर फास्ट ट्रैक में केस ट्रायल के लिए देहरादून पुलिस करेगी पैरवी। नृशंस हत्याकांड पर त्वरित कार्यवाही के लिए एसएसपी देहरादून ने गठित की थी एसआईटी। एसएसपी अजय सिंह ने कहा जघन्य हत्याकांड को Rarest of rare श्रेणी में कोर्ट में जिरह कर कठोरतम सजा के लिए पैरवी की जाएगी।
घटनाक्रम … दिनांक 02/02/2026 को कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत हुई युवती की हत्या में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल अभियुक्त आकाश पुत्र कोमल राम निवासी: 46-मन्नू गंज खुडबुडा मौहल्ला कोतवाली नगर देहरादून को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश कर जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत अभियोग की गहन विवेचना तथा घटना से जुडे भौतिक, इलेक्ट्रानिक व अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से तत्काल संकलन कर अभियुक्त के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही हेतु एसएसपी अजय सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी द्वारा अभियोग में त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल व उसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेजों का अवलोकन कर, घटनास्थल पर फारेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया गया। साथ ही अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त स्कूटी को कब्जे में लेते हुए अभियुक्त के आने व जाने वाले रूट का चार्ट बनाया गया तथा घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाहों व घटना से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के तत्काल बयान अंकित किये गये। इसके अतिरिक्त अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त चापड, घटना के समय अभियुक्त द्वारा पहने गये कपड़ों, जूतों तथा हेलमेट को, जिसमे मृतका का खून लगा था व मृतका के कपड़ों को परिक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया।
घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत मृतका का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डाक्टरों के पैनल के माध्यम से करवाया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयानों, घटना स्थल से प्राप्त किये गये भौतिक/फारेंसिक साक्ष्यों को ई-साक्ष्य के माध्यम से विवेेचना में समावेश करते हुए मात्र 03 दिनों में एसआईटी द्वारा लगातार विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण कर 35 गवाहों को सम्मिलित करते हुए अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया जा रहा है।
उक्त जघन्य हत्याकांड की Rarest of rare श्रेणी में कोर्ट में जिरह करते हुए अभियुक्त को कठोरतम सजा के लिए न्यायालय में पैरवी की जाएगी।







