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मुख्य सचिव ने टिहरी झील क्षेत्र का भ्रमण एवं पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया
भुवन उपाध्याय
देहरादून/टिहरी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ‘क्लीयर विजन’ है प्रदेश में एक-एक विकास योजना ससमय और मानकों में पूर्णतया दुरुस्त पूरी हो। लोगों को योजनाओं का भरपूर लाभ मिल सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने अपने उच्चाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजनाएं धरातल पर दिखाई दें, इस बावत अधिकारी निर्माणाधीन स्थल पर जाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्धन और सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडे ने टिहरी गढ़वाल में बजरंग सेतु और हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री धामी का प्रयास है कि आधुनिक आधारभूत संरचना को मजबूत करना और स्थानीय रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देना। मुख्यमंत्री धामी और उनके अधिकारियों के द्वारा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता पर फोकस और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता उत्तराखंड को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री धामी और उनके अधिकारियों की कार्यशैली ही सुशासन की पहचान है, जो कार्यालयों से निकलकर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का स्वयं आकलन करते हैं और परिणाम सुनिश्चित करते हैं।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत टिहरी झील के समीप कोटी–जाख–डोबरा पुल तक निर्माणाधीन पर्यटन रोड तथा डोबरा पुल क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित इको पार्क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही उन्होंने टूरिज्म रोड के कार्यों की प्रगति का भी अवलोकन किया।
टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु लगभग ₹1,294 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत कुल छह क्लस्टरों—डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर—के विकास संबंधी कार्यों की जानकारी दी गई।








