भुवन उपाध्याय
देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों सरकार सिर्फ सचिवालय तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वयं जनता के द्वार पहुंच रही है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ उनके त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कर रहे हैं। बीते आठ दिनों में 65 हजार से अधिक नागरिक इन जनसेवा शिविरों का लाभ उठा चुके हैं।
चार जुलाई से पूरे प्रदेश में संचालित इस अभियान का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करना तथा प्रत्येक समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
शनिवार को देहरादून में आयोजित जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
सहसपुर की बबली देवी ने मुख्यमंत्री के समक्ष सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए और उसका परिणाम भी तुरंत देखने को मिला। सुबह जनसेवा शिविर में लगाई गई गुहार पर कार्रवाई करते हुए दोपहर तक बबली देवी के घर सिलाई मशीन पहुंचा दी गई। इससे उनके स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली।
इसके अतिरिक्त सड़क, बिजली, श्मशान भूमि, ओपन जिम तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान आज केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनसेवा आधारित कार्यशैली का सशक्त प्रतीक बन चुका है। जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना, तत्काल निर्णय लेना और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करना ही उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।








