उत्तराखंड: आरएसएस के पथ संचलन में स्वयं सेवकों का पुष्प वर्षा से हुआ भव्य अभिनंदन … स्वयंसेवकों से बोले क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जगदीश – आग बुझाने और बंद मार्ग खोलने जैसे अनुकरणीय व सामाजिक कार्य करने के लिए स्वयं आगे आते हैं ‘स्वयं सेवक’

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संघ करता है

  • जातिवाद, क्षेत्रवाद की भावना समाप्त करने का कार्य
  • समाज में व्याप्त कुरीतियों, समस्याओं के समाधान का कार्य
  • अनुशासन और आज्ञा अनुपालन का भाव जागृत कराने का कार्य

भुवन उपाध्याय

देहरादून। वर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से देशभर में पथ संचलन कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ। उत्तराखंड में भी संघ की ओर से शानदार कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। देहरादून और कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी में स्वयं सेवकों की ओर से पथ संचलन किया गया। हल्द्वानी में पथ संचलन के दौरान स्वयं सेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। पथ संचलन इतना भव्य और दिव्य था कि लोगों ने इस पल की अपने मोबाइल से खूब तस्वीरें ली और वीडियो भी बनाए।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ देहरादून महानगर दक्षिण के गुरू रामराय नगर एवं विवेकानंद नगर की ओर से धर्मपुर स्थित संघ कार्यालय के समीप स्थित विद्यालय से पथ संचलन हुआ। पथ संचलन से पहले क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जगदीश जी ने उपस्थित स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि शाखा में सशक्त व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने कहा स्वयं सेवक समाज में व्याप्त कुरीतियों, समस्याओं के समाधान के लिए स्वयं आगे आते हैं। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि यदि किसी स्थान, मोहल्ले, नगर में कोई समस्या आती है तो लोग केवल बात ही करते हैं कि वहां पर यह समस्या है लेकिन स्वयं सेवक उस पर व्यर्थ में चर्चा करने के बजाय उस समस्या का समाधान करने के लिए स्वयं आगे आते हैं। जैसे कहीं किसी मोहल्ले में अग्निकांड जैसी घटना हो जाए या फिर वहां पर सार्वजनिक मार्ग पर आवाजाही अवरूद्ध हो जाए, यातायात बाधित हो जाए। तब ऐसी परिस्थिति में स्वयं सेवक बातों में समय जाया करने के बजाय आग बुझाने, सडक पर आए अवरोध को दूर करने एवं मार्ग पर यातायात सुचारू करने के लिए स्वयं आगे बढकर आते हैं। उन्होंने कहा समस्या समाधान करने का सामाजिक कार्य करने वाले ही हमारे स्वयं सेवक बंधु हैं।
जगदीश जी ने संघ संस्थापक डा केशव बलिराम हेडगेवार, दूसरे सर संघ चालक माधव सदाशिव गोवलकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि संघ व्यक्ति में चरित्र निर्माण का कार्य करता है। राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करने का कार्य करता है। जातिवाद, क्षेत्रवाद की भावना समाप्त करने का कार्य भी संघ करता है। संघ में एक साथ सम्पतः बोला जाता है … इसका अर्थ है कि सभी जाति-क्षेत्र के लोगों को एक समान भाव और दृष्टि से देखना और उनका आदर करना यह संघ सिखाता है। जगदीश जी ने कहा संघ में अनुशासन और आज्ञा अनुपालन का भाव जागृत कराया जाता है।
इस अवसर पर विवेकानंद नगर के नगर संघ चालक कमल चक्र थपलियाल जी, विभाग शारीरिक प्रमुख आनंद जी, संघ चालक गुरू राम राय नगर तेज बहादुर जी, बिष्णु आनंद महानगर शारीरिक प्रमुख समेत सैकडों की संख्या में स्वयं सेवक बंधु उपस्थित रहे।