Big News : वक्ताओं ने युवाओं में जिम्मेदार आनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने में डिजिटल साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, आईएचएम देहरादून में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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क्रांति मिशन ब्यूरो

देहरादून। आई0एच0एम0 देहरादून में ’’युवा संबंध, नैतिकता और जिम्मेदार डिजिटल इंटरैक्षन’’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड तकनीकी विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 ओंकार सिंह थे और विशिष्ट अतिथि रास बोस सुभारती विश्वविद्यालय के प्रो0 वाइस चांसलर डाॅ0 हिमांशु ऐरन थे।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने युवाओं में जिम्मेदार आनलाइन व्यवहार को बढावा देने में डिजिटल साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को आनलाइन सामग्री का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना सिखाने के महत्व पर जोर दिया, खासकर ऐसे युग में जब गलत सूचना, फर्जी खबरें और एल्गोरिदम व्यापक हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि युवाओं को तथ्य और कल्पना के बीच अंतर करने और विविध दृष्टिकोणों से जुडने के कौशल से लैस होना चाहिए।

मुख्य अतिथि ने इस डिजिटल युग में युवाओं द्वारा किताबें पढने, फोन नंबर याद रखने और लेखन कौशल विकसित करने जैसी आदतें विकसित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आगाह किया कि इन प्रथाओं के बिना, वे अंततः लुप्त हो सकते हैं, जिससे युवा डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर अत्यधिक निर्भर हो सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि डाॅ0 ऐरन ने युवाओं को यह सिखाने के महत्व पर चर्चा की कि वे किस तरह से सीमाएं स्थापित करें और उन्हें पहचानें, तथा अपनी भावनात्मक सुरक्षा और भलाई के लिए उन्हें किस तरह से दृढतापूर्वक संप्रेशित करें। उन्होंने उन्हें दूसरों की सीमाओं का सम्मान करने और सभी बातचीत में सहानुभूति और समझ का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सम्मेलन में इंटरनेट और सोशल मीडिया सहित प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो युवा रिश्तों को आकार देने, आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह के इंटरैक्षन में नैतिकता को समझने और युवा पीढी के भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं में श्री फिलिप माइकल बुरेट, जीवन कौषल प्रशिक्षक एवं सलाहकार, ज्ञानंदा गर्ल्स स्कूल देहरादून; डाॅ0 संजय सिंह, प्रधानाचार्य, एस0आई0एच0एम0 रामनगर; प्रो0 आलोक प्रसाद, संस्थान प्रमुख, स्कूल आफ हाॅस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म, क्कांटम यूनिवर्सिटी, रूडकी; डाॅ0 विमल कुमार, निदेशक, चंडीगढ काॅलेज आफ टूरिज्म एंड हाॅस्पिटैलिटी सर्विसेज मैनेजमेंट, इग्नू नई दिल्ली और डाॅ0 पंकज मिश्रा, अध्यक्ष, भगत फूल सिंह महिला विष्वविद्यालय, सोनीपत, हरियाणा शामिल थे।

सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों के प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्तियों ने भी भाग लिया। डाॅ0 नीरज अग्रवाल, सहायक प्रोफेसर, पंजाब विष्वविद्यालय, चंडीगढ; डाॅ0 अभिनव मिश्रा, व्याख्याता, एन0सी0एच0एम0सीटी0, नोएडा; श्री चंद्रमौली ढौंडियाल, डीन, देवभूमि उत्तराखंड विष्वविद्यालय; डाॅ0 जय प्रकाशकांत, एच0ओ0डी, चंडीगढ इंस्टीटयूट आफ होटल मैनेजमेंट; डाॅ0 दिनेश कुमार, सहायक प्रोफेसर, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालयों, सोनीपत, हरियाणा; डाॅ0 अंकित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ; डाॅ0 अमित कुमार, हरियाणा केंद्रीय विष्वविद्यालय; डाॅ0 अभय चमोली, एसोसिएट प्रोफेसर, आई0एम0एस यूनिसन यूनिवर्सिटी देहरादून; श्री आशीष गागट, विभागाध्यक्ष, रासबिहारी बोस सुभारती विष्वविद्यालय; डाॅ0 रवीश कुकरेती, एसोसिएट प्रोफेसर, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी; डाॅ0 मनीश बडोनी, निदेशक, उत्तरांचल विष्वविद्यालय; डाॅ0 अमित तरियाल, एसोसिएट प्रोफेसर, आई0एम0एस0 यूनिसन यूनिवर्सिटी; डाॅ0 अमर प्रकाश डबराल प्रमुख-आतिथ्य प्रबंधन, ग्राफिक एरा विष्वविद्यालय और डाॅ0 अरूणेश पाराशर, विभागाध्यक्ष, देव संस्कृति विष्वविद्यालय, हरिद्वार।

इस कार्यक्रम में तकनीकी और समीक्षा समितियों में काम करने वाले संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। आई0एच0एम0 देहरादून के प्रिंसिपल डाॅ0 शिव मोहन के नेतृत्व में सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें आतिथ्य, सामाजिक विज्ञान, आईटी, मनोविज्ञान और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों के छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, पेशेवरों और चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

आई0एच0एम0 देहरादून के विभागाध्यक्ष श्री मनीष सेमवाल में सम्मेलन सचिव के रूप में सम्मेलन का आयोजन किया और धन्यवाद ज्ञापन भी दिया, जबकि आई0एच0एम0 देहरादून के विभागाध्यक्ष श्री मनीष भारती सम्मेलन के कोषाध्यक्ष थे। कार्यक्रम के दौरान आई0एच0एम0 देहरादून के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भी मौजूद थे।