क्रांति मिशन ब्यूरो
देहरादून। दून मेडिकल कालेज में छात्रावासों का निगरानी तंत्र मजबूत होगा और एंटी-रैगिंग स्क्वाड की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही एंटी-रैगिंग कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रावासों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाए।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. अजय आर्य ने गुरुवार को दून मेडिकल कालेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एमबीबीएस- 2025 बैच व सीनियर छात्रों से बातचीत की। छात्रों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि किसी भी शिकायत पर तत्काल समाधान किया जाएगा। डा. आर्य ने छात्रों से पढ़ाई, छात्रावास, भोजन, सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा कालेज प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं, निदेशालय के दरवाजे भी छात्रों के लिए हर पल खुले हैं।
छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने यसलाह दी कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे सबसे अपने शिक्षक या मेंटर से संपर्क करें। अध्यापक को अपने अभिभावक जैसा ही समझें। निरीक्षण के दौरान कालेज में सुरक्षा उपायों, छात्रावास व्यवस्था, हास्टल स्टाफ और एंटी-रैगिंग स्क्वाड की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान डा. अजय आर्य ने हास्टल में सुझाव पेटिका लगाने को कहा। एंटी-रैगिंग कमेटी को निर्देशित किया कि छात्रावासों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाए और एंटी-रैगिंग स्क्वाड की क्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम रैगिंग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और छात्रों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। डा. आर्य ने कालेज प्रशासन को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्र सुरक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेकर तत्काल समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। डा. आर्य ने कहा कि यह कदम न केवल रैगिंग को रोकने के लिए जरूरी है, बल्कि छात्रावासों में सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए भी अहम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निदेशालय द्वारा भी कालेज को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।








