भुवन उपाध्याय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सहज-सरल व्यवहार, सभी से आत्मीयता से मिलना … उन्हें लोगों के और करीब ले जाता है। धामी को मातृशक्ति का स्नेह-आशीर्वाद मिलता रहता है। रविवार को मुख्य सेवक सदन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान करने के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी को एक मां ने अपने सीने से लगा लिया और ‘लाड़ले’ पुष्कर को बुजुर्ग मां ने खूब लाड़ लड़ाया। मां का स्नेह पाकर मुख्यमंत्री धामी भावुक हो गए और इस दौरान उनका व्यवहार बालक की तरह रहा। यह सुंदर दृश्य कैमरे में कैद हो गया। उपस्थित लोग मुख्यमंत्री धामी के इस आत्मीयता से भरे व्यवहार की प्रशंसा करते दिखाई दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ महिलाएं, परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।








