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यात्रियों पर रोक हटाने के निर्णय से खुश तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज, मुख्यमंत्री धामी का जताया आभार
भुवन उपाध्याय
देहरादून। चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला … यात्रियों की संख्या पर कोई रोक नहीं, सीएम के फैसले का स्वागत… तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज ने जताया आभार। चारधाम महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या पर किसी भी प्रकार की रोक न लगाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय चारधाम यात्रा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज एवं स्थानीय लोगों के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डॉ. सती ने बताया कि आगामी 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। ऐसे में यात्रा को लेकर यह संशय बना हुआ था कि यात्रियों की संख्या सीमित रखी जाएगी या नहीं, जिससे यात्रा से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती थी।
चारधाम तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष एवं गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चार धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर अब कोई सीमा बाधा नहीं बनेगी। यह निर्णय निस्संदेह स्वागत योग्य है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ प्राप्त होगा। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
चार धाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑफलाइन एवं ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ दर्शन की संख्या पर जो सीमाएं निर्धारित की गई थीं, उन्हें हटाने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इस कदम से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
गंगोत्री होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नौटियाल द्वारा भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यात्रियों की संख्या पर किसी भी प्रकार की रोक न लगाने से चारधाम यात्रा से जुड़े सभी वर्ग—तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज, व्यापारी एवं स्थानीय निवासी—प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। साथ ही, इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
चारधाम महापंचायत की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि सरकार का यह कदम धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।







