भुवन उपाध्याय
देहरादून। सच्चा नेता वही है, जो कठिनाइयों के बीच भी जनता के विश्वास को टूटने न दे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज उत्तराखंड के हर घर-घर में विश्वास और उम्मीद का प्रतीक बन चुके हैं। उनके नेतृत्व में विकास केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत बन रहा है। जब भी राज्य में कहीं भी मुश्किल आती है, धामी बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पर लोग भरोसा करने लगे हैं। धामी के प्रति एक बेटे, एक भाई जैसा स्नेह जनता के हृदय में उत्पन्न हो गया है।
मुख्यमंत्री धामी का सरल स्वभाव, युवाओं के सपनों को दिशा देने की दृष्टि, और बुजुर्गों के प्रति विनम्रता उन्हें हर दिल में जगह दिलाती है। पूर्व सैनिक के बेटे हैं, और सैनिकों के लिए भी काम कर रहे हैं। इसलिए फौजी, पूर्व सैनिक भी धामी से स्नेह करने लगे हैं।
सेवानिवृत्त सूबेदार श्रीमान के.एस. बिष्ट जो कि 90 की आयु पूरी कर चुके हैं, लगभग 95 साल जीवन के होने को हैं, धामी के कार्यों से बहुत खुश रहते हैं। ‘क्रांति मिशन’ समाचार पत्र और क्रांति मिशन डॉट कॉम समाचार पोर्टल के नियमित पाठक हैं। श्री बिष्ट अपने संदेश में लिखते हैं कि सैनिक का बेटा धामी जो हमें मुख्यमंत्री के रूप में मिला है, यह ईश्वर की कृपा है। लगातार धामी द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनके लोगों के बीच सुख-दुख में पहुंचने से प्रसन्न हो जाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिक श्रीमान एसएस चौहान कहते हैं मुख्यमंत्री के जनता के दुःख दर्द में तत्काल पहुंचने से वे काफी प्रभावित हुए हैं। कहते हैं ऐसा मुखिया उत्तराखंड में पहली बार मिला। कहते हैं, धामी अभी युवा हैं और इतना बढ़िया काम कर रहे हैं, 10 साल और राज्य की कमान इनके पास रही तो राज्य देश का सर्वाधिक संपन्न और विकसित राज्य बन जाएगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक वर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, कोटद्वार से भाजपा नेता शैलेन्द्र सिंह बिष्ट, पौड़ी गढ़वाल जनपद निवासी भाजपा नेता महेंद्र राणा और राष्ट्रवादी युवा नेता विकास त्यागी का कहना है, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के कार्य पूरे देश के लिए नजीर बन रहे हैं। ऐसे मुख्यमंत्री मिले हैं जो देवभूमि से सारी गंदगी साफ कर यहां जन-जन के मन में अपनी स्वच्छ छवि बना चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट कहते हैं धामी सत्ता को अधिकार नहीं, बल्कि सेवा का अवसर मानकर चल रहे हैं। इसीलिए धामी सबसे हटकर हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार और देहरादून महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल की राय एक जैसी है। कहते हैं आज विरोधी जितनी भी राजनीति करें, जनता का विश्वास अटूट है। यही कारण है कि उत्तराखंड के लोग यह कहने में गर्व महसूस करते हैं कि आज भी धामी जी हैं, और 2027 में भी धामी जी ही होंगे!